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Monday, December 30, 2019

Motiwation for Drinkers

Hindi+ English = What is the best way to drink liquor and the best time? It can best tell someone who drank a lot of wine or who is the son of a big house or someone who has seen everyone or who knows about everyone.
दारु पीने का सबसे अच्छा तरीका और सबसे अच्छा टाइम कौन सा होता है ? यह सबसे अच्छा वह बता सकता है जो बहुत सारा दारू पिया हो या जो बड़े घर का बेटा हो या वह जो सभी को देखा हो या वह जो सभी के बारे में जानता-समझता हो |
For almost 5 years now, Daru is closed in Bihar, I can tell you a good incident of Bihar, which will show you the things to learn and understand in everything, only then will understand the importance of Daru //
अभी लगभग 5 साल से बिहार में दारू बंद है| मैं आपको बिहार की अच्छी-खासी घटना बता सकता हूं| जिससे आपको हर चीज में सीखने और समझने की चीजें दिखेगी तभी समझ में आएगी दारू की महत्व |
I am telling you the recent incident, my eyes have seen a few days ago I went to my friend's procession and seeing such a situation there, I felt that I did well except Daru, otherwise I would have been like it. मैं आपको हाल-फिलहाल की घटना अपने आंखों देखा हाल बता रहा हूं| कुछ दिन पहले मैं अपने दोस्त के बारात में गया था| वहां की ऐसी अवस्था को देखकर मुझे लगा कि मैं अच्छा किया दारू को छोड़ कर, नहीं तो मेरा भी इसके जैसा हाल होता "
Seeing the situation there, it seemed to me as to whom I had come in because the boys were drinking and drinking in such a way that when the situation becomes such that it is difficult to escape from here. The boys who were abusing the party, were going on a rampage, there was a lot of confusion but I kept myself calm and my friend asked me to sit together and I only meant with the boy. Stayed with his friend.At 2:00 pm at the girl's house ////// वहां के सिचुएशन को देख कर मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं किसके बराती में आ गया हूं क्योंकि लड़के पार्टी अलग ही दारू पीकर इस तरीके की हरकत कर रहे थे कि कब कैसा सिचुएशन बन जाए कि यहां से भागना पर जाना भी मुश्किल हो लड़के पार्टी जिसको 30 को गाली गलौज कर रहे थे मार-पीट पर उतारू हो रहे थे। वहा बड़ा ही असमंजस सा मूवमेंट था लेकिन मैं अपने आप को शांत करके बैठा रहा। लड़के का पिता जी कहने के अनुसार मैं दोस्त के साथ ही बैठा रहा और बारात लगी लड़की के घर पर 2:00 बजे दिन को ॥
What do you ?
Now you tell me that you have gone to someone's house, about the procession and you are quarreling, drinking liquor, abusing you. Too bad "You've been to another's house and you're showing your drama there". How many good sages have gone from one village to another, you understand the people of that village. How bad do you feel when the liquor is closed in Bihar ”, yet in spite of it, drinking and drinking liquor in black and such drama-betting. Doing it does not suit anyone.. अब आप ही बताइए कि आप किसी के घर पर गए हैं, बारात ले कर और आप झगड़े कर रहे हैं, दारू पी रहे हैं, गाली गलौज कर रहे हैं। बहुत बुरा लगता है "आप दूसरे के घर पर गए हैं और आप वहां अपना नाटक दिखला रहे हैं"। एक गाँव से दूसरे गाँव गए कितने अच्छे कहेंगे'' आपको उस गाँव के लोग,, समझने वाली बात ।अपने में आपको कितना बुरा लगता है, जबकि बिहार में दारू बंद है ", उसके बावजूद भी काले में दारू खरीद कर पीना और इस तरह का नाटक- बाजी करना यह किसी को भी शोभा नहीं देता॥
And if you tell me one thing, you will get into thinking that what is happening, despite all this happening, the girl's father or no one came to speak on their behalf, why are you doing this, you know why Knowing the reason, you will be thinking what is the condition of Bihar at this time.और एक बात "आप लोग सोच में पड़ जाओगे कि यह हो क्या रहा है इतना सब चीज हो जाने के बावजूद भी लड़की जी के पिताजी या उनके तरफ से कोई बोलने के लिए नहीं आया कि आप लोग ऐसे क्यों कर रहे हैं जानते हैं क्यों वजह जानकर आप लोग सोच में पड़ जाएंगे की बिहार की हालत इस समय क्या है।
It is a matter of great shame that I have not digested this thing as well. At 2:00am in the night, we have reached near the girl's house with a baraati that this news is coming, because no god has been completed yet. The girl's family members, their brothers, uncles, cousins, all of them have not been able to feed the villagers till date and no ritual has been completed because as much of the boys have drunk the liquor Won't be the one, there were more girls on her side.
बहुत शर्म की बात है,मुझे भी यह बात हजम नहीं हुई" बात ही कुछ ऐसी हैं। रात के 2:00 बजे हम लोग बाराती लेकर लड़की के घर के पास ही पहुंचे हैं कि यह खबर आ रही है ।अभी तक घी ढारी नहीं हुआ है,क्योंकि लड़की के घरवाले,उनके भाई,चाचा,चचेरे भाई,सभी लोग दारू पीकर मस्ती करने के चक्कर में अभी तक गांव वालों को खाना भी नहीं खिला पाए हैं और ना ही कोई रस्म पूरा हुआ है क्योंकि जितना लड़के वालों के तरफ से दारू पीने वाला नहीं होगा", उससे कहीं ज्यादा लड़की वालों की तरफ से पीने की संख्या में ज्यादा थे। मुझे यह बात सुनकर बहुत ही बुरा लगा यह क्या हो रहा है ।

Do the government do whatever wrong the law brings and one thing that ever since the Daru has stopped in Bihar, the people of Bihar have so much in mind that do not ask how to bring the liquor from Jharkhand to Bihar, the people of Bihar have many tricks. In the ambulance of the cylinder, there is a separate case of oil in the tank of the motorcycle in which there is oil. क्या सरकार गलत करते हैं,जो भी कानून लाती हैं और एक बात कि जब से बिहार में दारू बंद हुई है"/ तबसे बिहार वालों के पास तो इतना दिमाग है कि मत पूछो‌‌‌‌‌‌‌- झारखंड से बिहार कैसे दारू लाना है,बिहार वालों के पास कई सारी तरकीबें हैं।गैस के सिलेंडर में, एंबुलेंस में ,मोटरसाइकिल के टंकी में'' जिसमें तेल रहता है॥ तेल का अलग से डिब्बा रखा हुआ है।

Sunday, November 24, 2019

For Englishhh reader ,हिदी भी लोगा लोक!

      रास्ता चलते भी है,ना तो रास्ता में रखे पत्थर को तुरंत हटा देना चाहिए। उससे आपके सामने आने वाला पत्थर खुद-ब-खुद दूसरे लोग हटा देंगे। 
  दिस इज माय थिंकिंग
        मेरा मानना है कि अगर आप दूसरों की तकलीफों को समझ जाएंगे तो लोग आपके प्रॉब्लम को अच्छी तरीके से सॉल्व कर देंगे । वह भी हंसते- खेलते,अपनी बातों से तो आप भी ऐसा किया कीजिए बातें-बातों से किसी को जिंदगी जितने के टॉपिक दे दीजिए। हंसी मज़ाक में उन्हें उनकी एहसास दिला दीजिए कि आप इस दुनिया के लिए बहुत अच्छे आदमी हैं।     This is my Think@
            आप अपनी जिम्मेदारी खुद उठा कर,और साथ मे दूसरों की भी जिम्मेदारी को उठाएं और उन्हें अपने आप को समझाएं कि आप इस दुनिया के लिए क्या बेहतर कर सकते हैं|  छोटी-छोटी सोच कितनी बड़ी हो जाती है|यह आपको किसी एक रात में भी पता चल सकती हैं और कई रात भी बीत सकती है |    I Love You for sexy Girl.......&

शादी - पार्टियों मे जा कर Suit the prank video........

Friday, November 22, 2019

सोच कर बताइए आपके लिए,हमारे लिए मोटिवेशन सही है या नहीं |अगर नहीं तो कैसे?

सोच कर बताइए आपके लिए,हमारे लिए मोटिवेशन सही है या नहीं |अगर नहीं तो कैसे?

     मेरा मानना है कुछ हद तक मोटिवेशन सही भी है और कुछ हद तक मोटिवेशन गलत भी | अगर आप सही तरीके से कमाते हैं ,खाते हैं, पीते हैं तो पॉपुलेशन बढ़ता है, गंदगी भी बढती है, फिर बिमारियों का लफरा॥ क्या यह सब चीजें नहीं बढ़ती है, बढ़ती ही है तो अगर समझना है यह मोटिवेशन सही है या गलत| दोनों ही हो सकता है| चॉइस आपकी है कि आप किस तरीके से अपने आप में बदलाव लाते हैं| कुछ लोग संभालते हैं, कुछ लोग बिगड़ते है।बारिश होती है कूछ लोगों को परेशानियां भी तो होती है  कुछ लोगों नही। English मे भी है।
I believe that to some extent Motivation is right and to some extent Motivation is also wrong. If you earn properly, eat, drink, then the population increases, the dirt also increases, then the illness of illness increases. Do not all these things grow, they grow, so if you want to understand whether this motivation is right or wrong. Both can happen. The choice is yours in how you make changes in yourself. Some people handle, some people deteriorate. It is difficult that some people have problems even some people do not.
         यह सच है कि मैं जो काम कर रहा हूं वह कुछ लोगों को यह टाइम पास लग रहा होगा या कुछ लोगों को मेरी बातें अच्छी तरीके से समझ आ गई होगी। ====It is true that the work that I am doing may be taking some time to pass or some people may have understood my things well.
Vikrant kumar@
      कहते हैं” कहने में कुछ नहीं लगता; क्या आप खाना बिना खाए हुए कहते हैं,, नहीं” आप खाना खाते हैं।खाना खाकर आप की एनर्जी वॉइस कन्वर्ट करते हैं। फिर जाकर आप कुछ बोलते हैं,कुछ लोग कहते हैं, चमड़े का मुंह है बोल दिया तो क्या हुआ? और कुछ कहते हैं ,नहीं जो बोला सही बोला॥ इनमें दो बातें होती है कुछ कहेंगे सही कहा कुछ कहेंगे गलत ॥ लेकिन” अपने आप को समझने से ही बदलाव आ सकती हैं। उसके बाद अपने आप में बदलाव लाने की कोशिश को ही आप अपने परिवार में उतारेंगे, तभी जाकर आप की कोशिश सफल होगी।==They say “It doesn’t take anything to say; Do you say without eating food, don’t”. You eat food. Eating food converts your energy voice. Then you go and say something, some people say that it is the mouth of leather. And some say, no one said right. There are two things in this, some will say right, some will say wrong. But “Changes can be made only by understanding yourself. After that you will try to change yourself in your family, only then will your efforts succeed.
कहेंगे कि आप कुछ बन जाओ,आप कुछ बड़े बन जाओ या सभी को बड़े बनना चाहिए।अपनी मंजिल की तलाश करो ! आप अपने बेटे को भी यही राय देंगे,मैं भी दूंगा। मैं नहीं चाहता कि हमारा देश, हमारे लोग सभी आगे नही बढ़े लेकिन आगे बढ़ने के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारी को भी समझें ।===You will say that you should become something, you should become something big or everyone should become big. Seek out your destination! You will give the same opinion to your son, I will also. I do not want our country, our people not all to move forward, but as we move forward, we should also understand our responsibilities.
       पता है आपको, मैंने पहला वीडियो यूट्यूब पर डाला था तो उसमे हमने thumbnale लगाया था कि मुझे कुछ करना ही नहीं है इसीलिए मैं बैठा रहता हूं | यह सुनकर मेरे घरवाले मेरे ऊपर बहुत हंसी उड़ाई लेकिन मेरे इस जज्बात को किसी ने समझ ना पाई कि जब यह कंटेंट लिख सकता है कि मुझे कुछ करना ही नहीं इसीलिए मैं बैठा रहता हूं,अगर मुझे करना है तो मैं हमेशा ही लगा रहूँगा,यह इन लोगो को दिखा नही। इसीलिए मैं रात हो, दिन हो, सुबह हो, शाम हो इन सब चीजों को देखता नहीं और मैं अपने काम में लगा रहता हूं |===You know, I put the first video on YouTube, so we put a thumbnale in it that I do not have to do anything, that is why I remain seated. Hearing this, my family laughed a lot at me, but no one could understand my feeling that when I can write this content that I have nothing to do, that is why I am sitting, if I have to, I will always keep it, Inlogo did not know. That is why I do not see all these things when it is night, day, morning, evening, and I continue in my work.

Tuesday, November 12, 2019

यह कितना आसान है l खुद को समझ लो सभी को समझ लो l

एक परिवार में कई लोग रहते हैंl


credit:Nice Home.
सभी अपने-अपने विचार से ही अपने काम को अच्छी तरीके से निभाने के लिए__ अच्छी लगन के साथ, काम भी करते हैं | तब पर भी परिवार में झगड़े- झंझट होते ही रहते हैं अगर किसी एक को अच्छी तरीके से समझने का विचार अगर आप कर लें तो भी आप इस झंझट से छुटकारा नहीं पा सकेंगे l
credit: third party image reference
आप इस बात को अपने मन से निकाल ही दीजिए कि आप किसी और को समझ पाएंगे l अगर तब पर भी आप इस झंझट में पड़ना चाहते हैं तो आप जाना चाहते हैं तो आप जरूर जाइए मैं आपको मना नहीं करूंगा l
credit: third party image! Mukesh saab ka ghar
लेकिन अगर आप मेरी एक बात को मान लेंगे कि आप दूसरे को समझने से अच्छा है ,आप सिर्फ अपने आप को अच्छी तरीके से समझ लीजिए ! तो फिर आपको किसी और को समझने की जरूरत नहीं पड़ेगी l
जो रहना वह साफ-साफ कहना, लटपट में मत रहना l
यह जिंदगी इतनी लंबी है कि...................


अगले नेक्स्ट पार्ट इंतजार कीजिए..



मैं सोच रहा था दूसरी पार्ट बनाऊं लेकिन आपका प्यार देखकर मैं सोचा इसी पार्ट में पूरा कर दूँ जो मैंने आपको समझाने की कोशिश की है l
एक बात बोलूं जो मैंने ऊपर में लिखी है उसी को आपने अच्छी तरीके से नहीं समझा तो मैं आगे क्या लिखूं

 जो रहना वह साफ-साफ कहना, लट-पट में मत रहना l

एक- एक लाइन में आपको सिर्फ यह बात समझाने के लिए कही गई है कि सिर्फ अपने आप को समझ लेने के बाद ही आप किसी और को समझ पाओगे l
जिंदगी बहुत ही लंबी दिखती है, लेकिन है नहीं !अगर इस जिंदगी को आप एक खूबसूरत पार्टी की तरह देखोगे तो यह आपको बहुत कम लगेगी l
सिर्फ अपने आप को समझना इतना मुश्किल नहीं तो आसान भी नहीं है l
जो रहना साफ साफ कहना लटपट में मत रहना l

क्या है ना जिंदगी को हम लोग अच्छे तरीके से समझते भी हैं और जीने का तरीका बहुत अच्छी तरीके से आता भी है लेकिन जीते नहीं है, किसी को बता नहीं पाते हैं, बहुत सारी ऐसी चीजें होती हैं ,''जो सही समय पर नहीं कर पाते हैं लेकिन एक बात तो तय है कि जो काम जिस समय में आप समझते हैं नहीं होता है और मैं समझता हूं वह सही समय ही आपको सटीक काम करने की प्रेरणा देता है और उसी प्रेरणा से सीख कर आप आने वाले समय में अपने काम को 100% दे सकर करते हैं l
इसी के नाम छोटी सी जिंदगी है जिसे आप बड़ा मानते हैं l
इन्हीं शब्दों के साथ मैं अपनी वाणी को विराम देता हूं l


जय हिंद -जय भारत अच्छा लगा हो तो शेयर !

Friday, November 8, 2019

इक तो जिनदगी मिली है छोटी ,उपर से जवानी के और भी छोटे दिन!




  1. किन बातों के कारण हमने रोया था,यह ग़लती से सभी को याद रह जाता है,लेकिन किन बातों पर हमने हंसना सीखा था यह बातें अक्सर भूल जाते है ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌!
  2. अगर आप पेंसिल✐से गंदे अक्षर लिखते हो,तो पेन✏से भी गंदे ही अक्षर लिखोगे।अगर आपने कैंप्यूटर चलाया है या चला रहे हैं तो आगे जाकर सुपरकंप्यूटर भी चलायेंगे,अच्छा सोचो अच्छे बनो!!
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अगर आप पेन से लिखते हो तो मैं भी पेन से ही लिखता हू । अगर मैं मेहनत से काम करूँगा तो पैसे ज़रूर कमाऊगा । ये आम बात है लेकिन ये सभी को पता है , तो प्रोबलम कहा है।👀
       तुम कम से कम मन से तो ज़रूर सदा इस काम में लगे रहो,ड्यूटी के समय भी और खाली समय में भी- यह काम तन और मन से शांतिपूर्वक तथा लगन से किए जाने की मांग करता है l
            लुधियाना का एक स्कूल मास्टर था,उसे नाम अभ्यास का बहुत शौक था। एक दिन वह शहर को चल पड़ा । गुरु के प्यार में इतना मस्त हो गया कि 13 मील दूर एक गांव में पहुंच गया। जब देखा कि वह दूर आ गया,,,,,तो लोगों से पूछा कि यहां से लुधियाना कितनी दूर है। किसी ने कहा कि 13 मील!☹️ वह बोला अब क्या करूँ, दिल ने कहा कि कोई तांगा कर लू। लेकिन अब क्या।मुझे तांगे की जरूरत नहीं, मैं जिस तरह आया हूं उसी तरह चला जाऊँगा।✔️ 
                  जब मनुष्य को नाम की लज्जत आ जाती है,तो फिर उसे अपने शरीर की भी सुध नहीं रहती।👨
       जो सतगुरु की सेवा में लगा है,वह बड़ा भाग्यशाली है क्योंकि सतगुरु में मालिक समाया हुआ है।
       जब बड़े महाराज जी डेरे में बाबा जयमल सिंह जी के पास आए तो वहां कोई मकान नहीं था,सिर्फ एक छोटी सी कोठरी थी। जिसके आसपास बाढ़ लगी थी। पानी का कोई इंतज़ाम नहीं था। पानी दरिया से या दूसरे गांव के कुएँ से लाना पड़ता था। जिस वक्त वहां निर्माण का काम शुरू हुआ,बड़े महाराज जी ने एक कुएँ खुदया और मकान भी बनवा दिया।
 
    उस वक्त नदी में बाढ़ आने के कारण दूसरा गांव के लोग रह रहे थे।लोगों ने उनसे कहा कि आप यहां मकान बनवा रहे हो, कुएँ खुदवा रहे हो,आप क्या ना समझ है?अगर दरिया ने सब कुछ बहा दिया तो!!
       बड़े महाराज जी ने जो उस समय सेना में एक इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे थे, उनको जवाब दिया कि अगर मकान बन जाए और सतगुरु एक बार भी आकर इस में बैठ जाए तो हम अपनी मेहनत को सफल समझेंगे,फिर चाहे दरिया ले जाए परवाह नहीं।
                    तो यह सतगुरु की सेवा है,मतलब यह है कि जो धन साधू संगत की सेवा में लग जाए व सफल है उसकी रख वाली भी सतगुरु ही करते हैं।
                             जब कोई व्यक्ति पूरे सदभावना से या उनके प्रतिनिधि के द्वारा नाम दान प्राप्त करने के लिए संपर्क कर लेता है तो चाहे नामदान पाने से पहले ही उनकी मृत्यु क्यों ना हो जाए। उस व्यक्ति की पूरी जिम्मेदारी सतगुरु ले लेता है। नाम दान के लिए अपनी इच्छा प्रकट करने के समय ही उस व्यक्ति को सतगुरु द्वारा संभाल और मार्गदर्शन मिलने लग जाता है।
        बरेे महाराज जी ने अपना लिखा वाक्य बयान  किया, तब आप मुंगेर मे सब डिविज़न अफ़सर थे, उन दिनों बाबू गज्जा सिंह जी भी आपके साथ से एक बार वहां थे। एक लीडर आया जो परमात्मा को नहीं मानता था इसलिए वहां उसको न मुसलमान रहने देते थे न हिंदू । वह बहुत दुखी हुआ । जब बाबू गज्जा को यह पता चला तो वह बड़े महाराज जी के पास गए और उस सज्जन का सारा हाल बताया। आपने कहा कि उसको बुलाओ। वहां एक असिस्टेंट मेडिकल अफ़सर थे जो सम्मोहन द्वारा इलाज करता था और वह उसी के पास इलाज करवाने के लिए आया था। जब वह लीडर बड़े महाराज जी के पास आया तो आपने उससे पूछा कि इलाज करवाने के लिए तुम्हें क्या चाहिए। वह बोला जी एक कुर्सी, एक मेज़ और एक बरामदा ।

      आपने पूछा कि कुछ और भी चाहिए तो बताओ उसने कहा कि नहीं। उसको यह चीजें दे दी गई बातचीत से पता चला कि वह काठियावाड़ का एक बहुत बड़ा पंडित था। परमार्थी ख्याल रखता था और परमात्मा की तलाश में निकला था ,लेकिन परमात्मा ना मिला और वह किसी ऐसे समाज में फँस गया जिस ने साबित कर दिया कि परमात्मा है ही नहीं।
         बड़े महाराज जी उन दिनों अक्सर दौरे पर जाते थे,उनके पीछे बाबू 
गज्जा सिंह सत्संग करते थे और वह सज्जन सत्संग में आया करता था। काफी समय व सत्संग सुनता रहा आखिर एक दिन बड़े महाराज जी से कहने लगा मुझे नाम दे दो। आपने इस बात का कोई उत्तर ना दिया बल्कि कई दिन इसी तरह खामोशी में बिता दिए। उसने एक दिन खुद ही कहा है जी आप मज़दूरों को रोज़ाना क्या मजदूरी देते हैं। आपने कहा कि चार आने उसने कहा मैं 3:00 आने ले लूंगा मुझे मज़दूरों में शामिल कर लो। इसी दौरान वह बीमार हो गया। आपने उस जैसे विद्वान और श्रेष्ठ पुरुष को मज़दूरों में तो क्या शामिल करना था,और कह दिया जब तू ठीक होगा नाम दे दूंगा। आखिर वह नाम लिए बिना वहां से सोलन चला गया। कुछ समय बाद आपको सोलन से उसकी चिट्ठी आई, लिखा था कि मुझे उम्मीद नहीं थी, मेरी चिट्ठी पहुंची है अब मैं परमात्मा को मानता हूं। मालूम नहीं कि मौत के वक्त वह मेरी संभाल करेगा कि नहीं ,

महाराज जी ने उत्तर में लिखा, वह सभी के अंदर है तेरे अंदर भी है और तेरी संभाल भी ज़रुर करेगा।

Wednesday, October 30, 2019

सबसे बड़ा कौन ?

गुरु और मालिक में कोई अंतर नहीं , दोनों वास्तव में एक ही है l 
   एक पादरी हमेशा बड़े महाराज जी के साथ बहस करता रहता था l एक बार जब आप ब्यास स्टेशन पर उतरे, तो वह बोला कि एक सवाल का जवाब दो l आप ने कहा, ''बड़ी खुशी से जो पूछना है, पूछो!'' उसने कहा कि मुझे बताओ गुरु नानक साहिब बड़े हैं कि कबीर साहेब बड़े हैं या बाबा जयमल सिंह? बड़े महाराज जी ने कहा ,''भाई ! सभी को मेरे सामने खड़ा कर दो, मैं बता दूंगा कि कौन बड़ा है l''
        ''वह कहने लगे, मैंने तो बाबा जयमल सिंह जी को देखा है, मैं तो उनके बारे में ही कुछ कह सकता हूं , लेकिन जिनके मैंने कभी दर्शन नहीं कि उनकी आपस में तुलना करना मेरे लिए ना मुनासिब है l.
    सभी संत सतगुरु एक ही धाम से आते हैं, उनकी तुलना का सवाल ही नहीं पैदा होता है !

 खुदा दो है या एक ?

   जब बड़े महाराज जी फौज में इंजीनियर थे तो एक बार उसका तबादला रावलपिंडी हो  गया l वहां का इंचार्ज एक एस.डी.ओ था l उसका रोज का नियम था कि वे दोनों शाम को इकट्ठे काम बंद करके जाते थे l  एक दिन की बात है, छुट्टी का वक्त हो चुका था कि उसका  Clark कागज पर दस्तखत करवाने के लिए आ गया l एस.डी.ओ कहने लगा चलो भाई कल कर लेंगे, उसने कहा, ''मुझे दस्तखत कर लेने   दो ! वह बोला, ''छोड़ो भी, आपका खुदा अपने कर लेगा l कौन सा खुदा ?
 उसने कहा क्या खुदा दो होते हैं आपने कहा कि हां उसकी समझ तो नहीं आया लेकिन चुप हो गया, वह घर जाते हुए सारे रास्ते सोचता गया, रात को एक फकीर मिला'' उसने अच्छी तरह समझा दिया कि दुनिया का खुदा ओर है और संतों का खुदा ओर''!
   जब सवेरे दफ्तर आया तो बोला कि आप की कल की बात में एक राज थी,, आपने पूछा कि क्या राज खोल दो* उसने कहा नहीं मेरी तसल्ली हो गई है $ मुझे जानकारी हो गई है'' जो दुनिया का खुदा है वह काल है और गुरु मुखों का खुदा हैl वह त्रिलोकी उसूल सूक्ष्म और कारण मंडल से आगे हैं l
        वह दयालु है l

Saturday, September 7, 2019



प्रभु की इच्छा या इंसान की मर्ज़ी l

 मनुष्य अपनी विपत्तियों को निमंत्रण देता है और फिर इन दुख में अतिथियों के प्रति विरोध प्रकट करता है, क्योंकि वह भूल जाता है कि उसने कैसे, कब और कहां उन्हें निमंत्रण - पत्र लिखे तथा भेजे थे l परंतु समय नहीं भूलता ;समय उचित अवसर पर हर निमंत्रण पत्र ठीक पते पर दे देता है, और समय ही हर अतिथि को मेजबान के घर पहुँचाता है !

       एक गांव में एक अच्छा कमाई करने वाला महात्मा हुआ करते थे l जिक्र है कि उसके एक लड़की थी l
जब वह जवान हुई तो आनंद की पत्नी ने कहा कि किसी पंडित के पास जाओ और लड़की के लिए कोई अच्छा सा वर और उसकी शादी का मुहूर्त निकलवाओ।
अब आनंद कमाई वाला महात्मा था, यह काम उसके स्वभाव के अनुकूल नहीं था क्योंकि उसके विचार बिल्कुल अलग तरह के थे। वह हमेशा मालिक की मौज़ में खुश रहता था और हर कार्य को प्रभु प्रियतम की इच्छा पर छोड़ देता था।
वह अपने लंबे अनुभव से जानता था कि अंत में होता वही है जो प्रभु की इच्छा हो । लेकिन जब पत्नी ने मजबूर किया तो एक जाने-माने पंडित के घर गया । आगे उसके दरवाज़े पर एक जवान लड़की देखी। पता चला कि वह पंडित की लड़की है और विवाह के थोड़े समय बाद ही विधवा हो गई है । वह सोचने लगा, सभी लोग पंडित से अपनी लड़कियों की शादी का मुहूर्त निकल पाते हैं पर यहां पंडित की अपनी लड़की विधवा हो चुकी है क्या उसने अपनी बेटी की शादी का मुहूर्त नहीं निकाला था ? उसने पंडित के पास जाने का विचार छोड़ दिया और गली में आगे चलता गया। आगे गया तो हकीम का मकान नजर आया। क्या देखते हैं कि उसके घर रोना पीटना हो रहा है।

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आनंद ने हकीम के नौकर से पूछा कि क्या कोई भयंकर हादसा हो गया है ? नौकर ने बताया कि हकीम का बेटा मर गया है। आनंद फिर सोचने लगा कि संसार की नित्य प्रतिक्रिया कैसी चल रही है। उसने अपने आप से कहा, "यहाँ इस घर में एक सयाना हकीम है जो अपने इकलौते बेटे को बचाने का भरपूर यत्न करता है पर उत्तम इलाज के उपलब्ध बावजूद उसका बेटा चल बसा है। यह हाकिम उसे क्यों नहीं बचा सका ?"लोग कहने लगे, "परमात्मा की मौज़ को कौन टाल सकता है।"
                  उसने धूल भरी गली में चलते-चलते मुस्कुराते हुए अपने मन में कहा :





बाकी आपकी मर्ज़ी  (L,C or S) लाइक , कमेन्ट ,और शेयर ।

           हिम्मत करे खरीदे और आगे बढाये ।


क्या करना है, खरीदने है या सिर्फ देखना है ।

आज नकद कल उधार , यही कहता है संसार ।।
इसी का नाम है व्यापार,,

No ' Yes  Business

Sunday, September 1, 2019

अज्ञानी सूअर 🐹


उन्होंने परमेश्वर की सच्चाई को बदलकर झूठ बना डाला और सृष्टि की उपासना और सेवा की ना कि उस सृजन हार की जो सदा धन्य है ।  
🐜
 👆       एक बार उद्धव ने भगवान कृष्ण
से कहा कि इन जीवों को आप अपने देश क्यों नहीं ले चलते ? आप सर्व समर्थ हैं और जो चाहे कर सकते हैं । मैं देख रहा हुं कि संसार के जीव तरह-तरह के दुखों और क्लेशो
में फंसे हुए हैं और निराश हो चुके हैं।
आप इन दुखी जीवों पर कृपा करके इन्हें अपने सुख -धाम में क्यों नहीं ले जाते ? भगवान कृष्ण ने कहा कि मैं तो चाहता हूं, लेकिन कोई जाने को तैयार भी तो हो। उद्धव ने कहा कि मैं नहीं मानता कि कोई चलने को तैयार ना हो ।           

     भगवान कृष्ण ने कहा,जाओ ! जीवों से पूछो कि वह जाने को तैयार हैं ?" यह सोचते हुए की सच्चाई जानने का यही सही ढंग है, उद्धव चल पड़ा और जो 👆जीव उसके रास्ते में आए उससे यह प्रश्न करने की ठान ली । हुआ ऐसा कि चलते-चलते सबसे पहले उसे एक सूअर🐗 मिला। मैं Online Business करता हुं।आप शांति से इस पेज को भी देख सकते है।अगर आपको भी काम करनी है,मुझे मेल करे !
           सबसे निकृष्ट योनि सूअर की है। उद्धव ने सूअर से पूछा कि क्या तुम मृत्यु लोक छोड़कर बैकुंठ जाना चाहते हो ? वहां बड़ी शांति है, बड़ा आनंद है, बड़ी शांति है,
अगर तुम जाना चाहो तो हम दोनों अभी चल पड़ते हैं। सूअर ने उद्धव से पूछा,"क्या तुम्हारे बैकुंठ में 
👼 "बच्चे हैं 👼
उद्धव ने कहा, "नहीं" सूअर ने फिर पूछा,"क्या मुझे वहां खाने‌‌‌‌‌-पीने के लिए स्वादिष्ट विस्टा मिलेगी।" उद्धव ने कहा कि नहीं,," पर वहां दूसरी तरह से और बहुत सी चीजें हैं जो तुम्हें बहुत अच्छी लगेगी ।
सूअर बोला,"मुझे इसमें शक है, क्योंकि विस्टा से स्वादिष्ट और क्या हो सकती है? इसलिए तुम्हारे बैकुंठ में नहीं जाना चाहता ।"

           मतलब तो यह है कि दुनिया को छोड़कर नाम की ओर लगना बड़ा कठिन है। बिना भाग्य के यह दौलत नहीं मिलती । लोग विषय -विकारो की ओर से मुंह मोड़ने को तैयार नहीं है, इनका भाग्य इनको सच्चा आनंद नहीं लेने देता ।

आप लोगो के कुछ नया भी है । इधर
बालटी  लेलो  भैया जी काम करके फिर दे देना 😁                          
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Saturday, August 31, 2019

龮 फकीर और चीटियां 騦

जिस दिल मे सब जीवों के लिए प्रेम और दया होती है, उसमें विषय विकारो के लिए कोई स्थान नहीं होता। ऐ दोस्त ! कभी किसी दिल को ठेस न पहुंचाना। किसी का दिल दुखाना प्रभु को भूल जाना है ।

         'तजकरात -उल- औलिया' मुसलमानों की एक रूहानी किताब है। उसमें एक छोटी सी कहानी आती है एक बार एक ग़रीब फकीर जब सफर पर निकला तो उसने साथ में रोटी बांध ली थी कि रास्ते में खायेगा । रात को एक मस्जिद में सोया, सुबह उठकर 10-12 मील सफर किया। फिर ख्याल आया की रोटी खा लू । जब रोटी की गठरी खोली तो देखा कि रोटी चीटियों से भरी पड़ी है। फकीर को बहुत दुःख हुआ कि मैं इनको इतनी दूर ले आया हूं इस जगह इनका कोई घर-बार नहीं है। कोई अपनी मां छोड़ कर आई है, तो कोई अपना बाप छोड़ कर आया है,

कोई बच्चे छोड़ कर आई है, यह सोचकर वह वापस चल पड़ा और 10 -12 मील का सफर कर के वापस उसी मस्जिद में आया। रोटियाँ झाड़ी और चीटियों से कहा कि जाओ अपने - अपने घर को । मज़हब कत्लो - गारत (मारना-काटना) नहीं सिखाता बल्कि दया सिखाता है ।

       जवान और बहुत खूबसूरत थी |
जीवन लम्बा नही , महान होना चाहिये !

Wednesday, August 28, 2019

मन मरवा देगा ।

फिर कभी जलेबी मत मांगना ➤ 

➽➼➺➺जिक्र है कि एक फकीर 👸एक दिन बाजार से गुज़र रहा था । रास्ते में एक हलवाई की दुकान थी। उसने बड़ी अच्छी जलेबियां🍥 सजा कर रखी हुई थी ।👀
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 मैंने कहा जलेबियां खानी है👅, "पास पैसा था नहीं करे तो क्या करें ! मन को समझाना बुझाया लेकिन मन ना माना "💆" आखिर वहां से वापस चला आया '💃

      ⠛मन की आदत है कि इसको जिस तरफ से मोड़ो उधर ही जाता है । जब रात को भजन में बैठा तो जलेबियां  सामने⠁😜
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मन बाहर जाने लगा" फकीर उठ गया । जब फिर बैठा, फिर वही ख्याल सामने आया 💮 जब सुबह हुई तो वह पैसे कमाने के लिए काम करने गया।' ' ''

गर्मी बहुत थी 😅और उसका मालिक बहुत बड़े कड़े स्वभाव  का था।😠 जैसे-तैसे शाम को थक कर चूर होकर लड़खराता हुआ बाजार आया,क्योंकि उसका मन जलेबियां चाहता था😜' उस समय जलेबियां सस्ती थी, रुपए के 3 किलो होती थी। 3 किलो जलेबी खरीदी और जंगल में चला गया । 
मैं Online Business करता हुं।आप शांति से इस पेज को भी देख सकते है। कुछ खाया पेट भर गया' मन ने कहा कि और खा☺️ और खाई"
            आखिर मन मुंह फेर दिया'' फिर बोला कि और खा और खाई तो उल्टी हो गई😭 
                                              जब उल्टी हो गई तो मन ने हुक्म दिया कि अब तू क्या करेगा''🙎 आखिर मन हार के कहा कि फिर कभी जलेबी नहीं मांगूंगा 🙏 तो मन बातों से नहीं आता,

                  😇 मन को समझाने के लिए मन जैसी ही 'पावरफूल' शक्ति का यूज करना होता है। मालूम
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ज़रा अपने भी दिल पर हाथ रख के पूछिए, क्या आपके साथ कभी इस कहानी के जैसा कुछ हुआ है । ,अगर हुआ है तो क्या आप फिर उस स्थिति मे जाना चाहेंगे ।

सब मैं हि करूँ तो आप क्या करेंगे !

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