अज्ञानी सूअर 🐹
उन्होंने परमेश्वर की सच्चाई को बदलकर झूठ बना डाला और सृष्टि की उपासना और सेवा की ना कि उस सृजन हार की जो सदा धन्य है ।
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👆 एक बार उद्धव ने भगवान कृष्ण से कहा कि इन जीवों को आप अपने देश क्यों नहीं ले चलते ? आप सर्व समर्थ हैं और जो चाहे कर सकते हैं । मैं देख रहा हुं कि संसार के जीव तरह-तरह के दुखों और क्लेशो में फंसे हुए हैं और निराश हो चुके हैं। आप इन दुखी जीवों पर कृपा करके इन्हें अपने सुख -धाम में क्यों नहीं ले जाते ? भगवान कृष्ण ने कहा कि मैं तो चाहता हूं, लेकिन कोई जाने को तैयार भी तो हो। उद्धव ने कहा कि मैं नहीं मानता कि कोई चलने को तैयार ना हो ।
भगवान कृष्ण ने कहा,जाओ ! जीवों से पूछो कि वह जाने को तैयार हैं ?" यह सोचते हुए की सच्चाई जानने का यही सही ढंग है, उद्धव चल पड़ा और जो 👆जीव उसके रास्ते में आए उससे यह प्रश्न करने की ठान ली । हुआ ऐसा कि चलते-चलते सबसे पहले उसे एक सूअर🐗 मिला। मैं Online Business करता हुं।आप शांति से इस पेज को भी देख सकते है।अगर आपको भी काम करनी है,मुझे मेल करे !अगर तुम जाना चाहो तो हम दोनों अभी चल पड़ते हैं। सूअर ने उद्धव से पूछा,"क्या तुम्हारे बैकुंठ में
👼 "बच्चे हैं 👼
उद्धव ने कहा, "नहीं" सूअर ने फिर पूछा,"क्या मुझे वहां खाने-पीने के लिए स्वादिष्ट विस्टा मिलेगी।" उद्धव ने कहा कि नहीं,," पर वहां दूसरी तरह से और बहुत सी चीजें हैं जो तुम्हें बहुत अच्छी लगेगी ।सूअर बोला,"मुझे इसमें शक है, क्योंकि विस्टा से स्वादिष्ट और क्या हो सकती है? इसलिए तुम्हारे बैकुंठ में नहीं जाना चाहता ।"
मतलब तो यह है कि दुनिया को छोड़कर नाम की ओर लगना बड़ा कठिन है। बिना भाग्य के यह दौलत नहीं मिलती । लोग विषय -विकारो की ओर से मुंह मोड़ने को तैयार नहीं है, इनका भाग्य इनको सच्चा आनंद नहीं लेने देता ।
आप लोगो के कुछ नया भी है । इधर





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