अमीर- गरीबों को नीचा नहीं बताता और गरीब अमीरों को कभी ऊंचा नहीं समझता |
और दोनों ही अपने अस्तित्व को जानते हैं कि हम क्या थे और आज क्या है और कैसे बने है।
गरीब की मां अपने बच्चे को संभालते-संभालते परेशान हो जाती है, बच्चा समझता ही नहीं है जबकि, वह बच्चा अच्छी तरीके से जानता है कि मैं संभला हुआ ही बच्चा हूं अगर इस संभले और ना समझने की वीडियो और कहानियां सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जाएगी तो हम यहां से वहां तुरंत पहुंच सकता है , थोड़ा टाइम लगेगा लेकिन पहुंच जाएगा, लेकिन गरीब की मां यह नहीं जानती, वह तुरंत अपने बच्चे को आसमान में देखना चाहती हैं और उसका बच्चा जानता है कि मैं तुरंत नहीं, धीरे-धीरे आसमान चढूंगा लेकिन चढूंगा जरूर !
और एक अच्छी बात जो है सच्ची बात
अमीर लोग जो होते हैं वह अपने काम में ही बिजी रहते हैं और उनको इन्हीं चीज से प्रॉब्लम आ जाती है। वह अपने घर में वक्त नहीं दे पाते हैं। जिससे वह छोटे लोगों को ज्यादा अच्छा समझते हैं क्योंकि छोटे लोग पूरा का पूरा वक्त अपने परिवार के साथ देते हैं जिससे बड़े लोगों के दिल में छोटे लोगों के प्रति और भी इज्जत बढ़ जाती है|
यह फर्क है बड़े में और छोटे में |
सच कहूं तो दोस्त यह जिंदगी हर बार - कई बार - बेवक्त रुलायेगी , इतनी रुलायेगी, आपकी रूह कांप जाएगी और इसी कांपती हुई रूह से एक आवाज निकलकर आएगी, वही आवाज आपकी पहचान बन जाएगी |
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